
मिर्जापुर। जनपद के मां विंध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर को बंद कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज परिसर में आपातकालीन सेवा के साथ ट्रॉमा सेंटर का संचालन अनिवार्य होता है, क्योंकि सड़क दुर्घटना, गंभीर चोट और अन्य आकस्मिक मामलों में मरीजों को तत्काल विशेष उपचार की जरूरत पड़ती है।
ट्रॉमा सेंटर बंद होने से अब गंभीर रूप से घायल मरीजों को उपचार के लिए अन्य जिलों या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। इससे उपचार में देरी की आशंका बढ़ गई है, ऐसे में गरीब लोग जो प्राइवेट अस्पताल या फिर मिर्जापुर से बाहर जाकर जिनके लिए इलाज करवाना संभव नहीं है। ऐसे सभी लोग मेडिकल कॉलेज पर ही निर्भर हैं,उनके लिए ये बड़ी ही चिंता का विषय है।
चिकित्सा मानकों के अनुसार मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल में 24 घंटे सक्रिय ट्रॉमा सेंटर होना चाहिए ताकि बहु-चिकित्सकीय दल तुरंत हस्तक्षेप कर सके।
स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि ट्रॉमा सेंटर को तत्काल पुनः शुरू किया जाए, ताकि मिर्जापुर जिले के लोगों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल सके।
































